मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का शिक्षा को लेकर विजन 3एस पर केंद्रित रहा। बजट भाषण के दौरान सीएम ने सात संकल्पों के तहत पांचवां संकल्प ‘शिक्षा का परिधान’ लिया। वहीं सातवां संकल्प ‘कौशल व तकनीक प्रधान’ लिया। उन्होंने स्कूल्स के साथ ही युवाओं के लिए स्किल्स व स्टार्टअप से जुड़ी कई घोषणाएं की। पुरानी घोषणाओं को आगे बढ़ाने के साथ नई भर्तियों और तकनीकी शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण एेलान किए। अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के लिए फाइव डे वीक होगा। इसके लिए हर शनिवार को स्कूलों में नो बैग डे मनाने का एलान किया गया है। यानि इस दिन बच्चों को स्कूल में बस्ते का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
खेलकूद को भी शामिल किया गया
छात्रों की रुचि के अनुसार सांस्कृतिक गतिविधियां व खेलकूद प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन होगा। टेक्निकल एजुकेशन में अब आरटीयू व बीटीयू के बाद सरकार जोधपुर के एमबीएम इंजीनियरिंग काॅलेज में भी विश्वविद्यालय स्तर की सुविधाएं देगी। बजट में छोटी कक्षाओं से लेकर शोध स्तर तक कोई न कोई घोषणा जरूर की गई है। खास बात है कि रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ सरकार ने स्वरोजगार के रास्ते भी प्रदेश के युवाओं के लिए खोल दिए हैं।
स्कूल :
11वीं के विद्यार्थियों की प्रतिभा और रुचि के अनुसार स्किल डेवलपमेंट के लिए मुख्यमंत्री कौशल मार्गदर्शन योजना शुरू होगी। इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जाएगी। 200 सीनियर सेकंडरी स्कूलों में अतिरिक्त संकाय और 300 स्कूलों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त विषय शुरू होंगे। इस पर 25 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके लिए स्कूलों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। जहां विद्यार्थियों की संख्या पर्याप्त होगी। उसके हिसाब से संकाय और विषय स्वीकृत किए जाएंगे। इसके अलावा आने वाले तीन सालों में 66 कस्तूरबा गांधी अावासीय विद्यालय स्थापित होंगे।
स्किल :
आरएसएलडीसी व स्किल यूनिवर्सिटी की ओर से करीब 40 सेक्टर्स में दस हजार स्टूडेंट्स की स्किल्स को निखारा जाएगा। इसके लिए स्किल एन्हेसमेंट एंड एम्प्लॉयबल ट्रेनिंग (सीईईटी) शुरू किया जाएगा। यहां स्टूडेंट्स अपनी रुचि के अनुसार सेक्टर का चयन करेंगे। सरकार की मंशा यह है कि फाइनल ईयर पास करने के बाद युवा एक ऐसे सेक्टर में स्किल हासिल करें, जिससे उन्हें अासानी से रोजगार मिल सके। 30 स्टूडेंट्स का एक बैच रहेगा। छात्रों की संख्या को देखते हुए अधिक बैच भी तैयार किए जा सकते हैं। सभी काेर्सेज स्किल यूनिवर्सिटी की ओर से मान्यता प्राप्त होंगे।
स्टार्टअप :
स्टार्टअप प्लेटफॉर्म आई स्टार्ट आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ाने के लिए 75 संस्थानों के साथ टाई अप करेगा। इसकी मदद से नए स्टार्टअप्स आईआईटी जाेधपुर, बिट्स पिलानी, एमएनआईटी जयपुर व एम्स जोधपुर का सपोर्ट ले पाएंगे। इससे वे मार्केट में अपने आइडिया व बिजनेस मॉडल को बेहतर तरीके से पेश कर पाएंगे। उच्च संस्थानों से जुड़ने व 75 करोड़ रुपए के राजीव@75 फंड की स्थापना से राजस्थान स्टार्ट अप्स की सफलता के लिहाज से देश में श्रेष्ठ बन सकता है।